परिचय
आरम्भिक जीवन और प्रेरणास्रोत
विनोद तावड़े का जन्म मुंबई के एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में 20 जुलाई 1963 को हुआ। वह छत्रपति शिवाजी महाराज, स्वामी विवेकानंद और वीर सावरकर को अपना आदर्श मानते हैं। इस महान विभूतियों की शिक्षाओं ने उनके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शुरुआती दिनों में उन्हें स्वर्गीय बाल आपटे जी और मदनदास देवी जी ने काफी प्रेरित किया। बाद में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी और श्री लालकृष्ण आडवाणी उनके लिए प्रेरणापुंज बने।
सक्रिय राजनीति के शुरुआती दिनों में स्वर्गीय प्रमोद महाजन, स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे और श्री नितिन गडकरी के साथ नजदीकी से काम करने से उन्हें कार्य के प्रति समर्पण और विकास की राजनीति का अनुभव मिला। बाद में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, श्री अमित शाह और श्री राजनाथ सिंह जैसे नेताओं से उन्होंने राजनीति और विकास के बड़े परिदृश्य को देखा और सीखा। आज मोदी जी के नेतृत्व में वो जनसेवा के जरिए विकसित भारत की नींव मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
सक्रिय राजनीति के शुरुआती दिनों में स्वर्गीय प्रमोद महाजन, स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे और श्री नितिन गडकरी के साथ नजदीकी से काम करने से उन्हें कार्य के प्रति समर्पण और विकास की राजनीति का अनुभव मिला। बाद में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, श्री अमित शाह और श्री राजनाथ सिंह जैसे नेताओं से उन्होंने राजनीति और विकास के बड़े परिदृश्य को देखा और सीखा। आज मोदी जी के नेतृत्व में वो जनसेवा के जरिए विकसित भारत की नींव मजबूत करने का काम कर रहे हैं।
व्यक्तिगत विशेषताएँ
विकट परिस्थिति में शांत रहना, दृढ़ विश्वास और समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर उनसे जुड़ना ही विनोद तावड़े की विशेषता है। इसी वजह से वह जमीन से जुड़े और गहन संबंधों वाले राजनेता के रूप में जाने जाते हैं। उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में है, जो ऊर्जा एवं उत्साह से परिपूर्ण हैं और एक बड़े परिदृश्य को देखने की क्षमता रखते हैं।
राजनीतिक सक्रियता
विनोद विजया श्रीधर तावड़े भारतीय राजनीतिज्ञ और विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पहले महाराष्ट्र और अब दिल्ली में वह राष्ट्रहित एवं जनसेवा की प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पार्टी को मजबूत करना हो या फिर विपक्ष को किसी मुद्दे पर धराशायी, आक्रामकता के साथ विवेक का संतुलन उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व को खास बनाता है।
विपक्ष की भूमिका
कैबिनेट मंत्री बनने से पहले वह तीन बार महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के साथ नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। 1995 से 1999 तक वह महाराष्ट्र भाजपा के महासचिव रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में विनोद तावड़े ने कांग्रेस-एनसीपी सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ न केवल आवाज बुलंद की, बल्कि उन्हें उजागर करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधान परिषद में रखने के साथ ही आपदा राहत के लिए महत्वपूर्ण फंड दिलाने का भी काम किया। विनोद तावड़े के प्रयास से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मुंबई शहरी परिवहन परियोजना- I को मंजूरी दी थी।
वर्तमान जिम्मेदारियाँ
विनोद तावड़े ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और वर्तमान में वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री के रूप में उन्होंने स्कूली शिक्षा, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास, संसदीय कार्य के साथ मराठी भाषा एवं संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ-साथ उनके पास उप नगरीय मुंबई के संरक्षक मंत्री की जिम्मेदारी भी रही है।
विनोद तावड़े हमेशा से किसी अन्य आरक्षण को ठेस पहुंचाए बिना मराठा आरक्षण के पक्षधर रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दे उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं और उन्हें पूरा कराने की दिशा में वो लगातार प्रयत्नशील रहते हैं।
विनोद तावड़े हमेशा से किसी अन्य आरक्षण को ठेस पहुंचाए बिना मराठा आरक्षण के पक्षधर रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दे उनकी प्राथमिकता में शामिल हैं और उन्हें पूरा कराने की दिशा में वो लगातार प्रयत्नशील रहते हैं।
